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अस्पताल में ऑक्सीजन रोके जाने से 30 बच्चों की हुई मौत

गोरखपुर: बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बीते दो दिन में 30 बच्चों की मौत की खबर है। इन मौतों का कारण इन्सेफलाइटिस माना जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि ऑक्सीजन सप्लाई रुकना भी बच्चों की मौत की एक वजह है लेकिन यूपी सरकार इससे इन्कार कर रही है। यह घटना यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र में हुई है। दो दिन पहले योगी ने इसी अस्पताल का दौरा किया था।

दरअसल, अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों ने दो घंटे तक अम्बू बैग का सहारा लिया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही के चलते  30 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अस्‍पताल में ऑक्सीज़न सप्‍लाई करने वाली फर्म का 69 लाख रुपये का भुगतान बकाया था।

जिसके चलते गुरुवार शाम को फर्म ने अस्‍पताल में लिक्विड ऑक्‍सीजन की आपूर्ति ठप कर दी। गुरुवार से ही मेडिकल कालेज में जम्‍बो सिलेंडरों से गैस की आपूर्ति की जा रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज में दो साल पहले लिक्विड ऑक्‍सीजन का प्‍लांट लगाया गया था। इसके जरिए इंसेफेलाइटिस वार्ड सहित करीब तीन सौ मरीजों को पाइप के जरिए ऑक्‍सीजन दी जाती है।

शुक्रवार सुबह सात बजे ऑक्‍सीजन पूरी तरह खत्‍म हो जाने के चलते इंसेफेलाइटिस वार्ड में करीब दो घंटे तक मरीजों को अम्‍बू बैग के सहारे रहना पड़ा। 12 बजे कुछ सिलेंडर पहुंचे लेकिन इंसेफेलाइटिस इमरजेंसी वार्ड में अभी भी सिलेंडरों की क्राइसिस बनी हुई है। इंसेफेलाइटिस के वार्ड नंबर 100 में हर डेढ़ घंटे में 16 सिलेंडर खर्च हो रहे हैं, चारों तरफ अफरातफरी मची हुई है।

पूर्व सीएम अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत की सरकार जिम्मेदार है। कठोर कार्रवाई हो। सरकार 20-20 लाख का मुआवजा दे।




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