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49वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव का समापन

फिल्मों के माध्यम से दुनिया को एक साथ लाने के लिए सजा 49वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया. 9 दिन चले इस समारोह में दुनियाभर की फिल्में दिखाई गईं, तो फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव साझा किए. अगले साल मिलने के वायदे के साथ इफ्फी का समापन हो गया.

पणजी में हुए रंगारंग समारोह में तमाम मेहमानों की मौजूदगी में इफ्फी को इस साल के लिए अलविदा कहा गया. समापन समारोह में भी उद्धाटन समारोह की ही तरह तमाम सितारे रेड कारपेट पर उतरे और इसकी शोभा बढ़ाई. समारोह में दुनिया की संस्कृति के साथ-साथ गोवा की पारम्परिक संस्कृति की झलक पेश की गई.

कार्यक्रम में सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ का संदेश पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया तो अगले साल 50वें फिल्म महोत्सव के लिए अभी से लोगों को आमंत्रित किया.

कार्यक्रम में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, केंद्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स और सूचना प्रसारण सचिव अमित खरे मौजूद थे. सबने समारोह की सराहना की तो अगले साल 50वें फिल्म महोत्सव को और ज्यादा धूमधाम से करने का संकल्प व्यक्त किया.

इफ्फी के समापन समारोह में इस बार जाने-माने पटकथा लेखक सलीम खान को सिनेमा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘इफ्फी विशेष पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. उनके बेटे अरबाज खान से ये सम्मान ग्रहण किया.

49वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में 68 से अधिक देशों की 212 फिल्में दिखाई गई. Alberto Monteras II को उनकी फिल्म ‘Respeto’ के लिए Centenary Award for the Best Debut Film of a Director का पुरस्कार मिला. फिल्म डोनबास को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के खिताब को गोल्डन पीकॉक पुरस्कार मिला.

इस बार इफ्पी में फोकस देश इजरायल था. खास बात ये रही कि इस साल इफ्फी के लिए स्टेट फोकस वर्ग रखा गया जिसमें राज्यों की फिल्मों पर फोकस किया गया. इस साल के लिए फोकस राज्य झारखंड था. खेलो इंडिया ब्रांड के विस्तार के रूप में 49वें आईएफएफआई में भारतीय खेल हस्तियों पर बनी फिल्में दिखाई गई. इन फिल्मों में गोल्ड, मैरीकॉम, भाग मिल्खा भाग, 1983, एमएसडी : द अनटोल्ड स्टोरी एंड सूरमा शामिल हैं. इसके अलावा श्रद्धांजलि वर्ग में दिवंगत फिल्म हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इनमें शशि कपूर, एम करुणानिधि, कल्पना लाजमी शामिल हैं. कार्यक्रम के समापन पर इफ्फी के निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापित किया. नौ दिन तक चले फिल्म महोत्सव के दौरान दुनियाभर से सिने प्रेमियों ने फिल्मों के इस समंदर में डुबकी लगाई. फिल्मकारों ने अपने-अपने अनुभव यहां सभी से बांटे. इफ्फी ने गोवा से विदा ले ली है लेकिन इस वादे के साथ कि अगले साल फिर मुलाकात होगी.




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