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बीसीसीआई ने किया मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री का चयन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार देर रात मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री का चयन किया है. रवि शास्त्री, भारतीय क्रिकेट टीम के साथ 14वें कोच के रूप में जुड़ेंगे. इसके अलावा गेंदबाजी कोच के रूप में बीसीसीआई ने टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को चुना है. इसके साथ ही विदेशी दौरों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ को बतौर बल्लेबाजी कोच टीम के साथ जोड़ा है.

सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण वाली क्रिकेट सलाहकार समिति(CAC) ने इंटरव्यू के बाद वीरेंदर सहवाग, टॉम मूडी, लालचंद राजपूत, रिचर्ड पायबस, फिल सिमंस जैसे दिग्गज़ों की तुलना में रवि शास्त्री को टीम इंडिया के कोच के रूप में पहली पसंद बताया. खबरों के मुताबिक कप्तान विराट कोहली की पहली पसंद भी रवि शास्त्री ही थे. शास्त्री के साथ 2 साल का अनुबंध किया गया है. इससे ये भी साफ हो गया है कि विश्वकप 2019 के लिए टीम को तैयार करने की जिम्मेदारी अब रवि शास्त्री पर ही है.

गौरतलब है कि इस बात की चर्चा भी जोरों पर थी कि टीम इंडिया को एक गेंदबाजी कोच मिलना चाहिए. यही वजह है कि बीसीसीआई ने टीम इंडिया के मुख्य कोच के साथ-साथ इस बात का भी ऐलान कर दिया है कि जहीर खान भारत के गेंदबाजी कोच होंगे. खास बात ये है कि राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई ने एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है. द्रविड़ अब विदेशी दौरों पर टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभाएंगे. द्रविड़ फिलहाल इंडिया-ए और अंडर-19 टीम को कोचिंग दे रहे हैं.

बता दें, रवि शास्त्री को भारतीय टीम के साथ लगभग 2 साल काम करना उनके पक्ष में गया. रवि शास्त्री साल 2014-16 के बीच कोच की गैर-मौजूदगी में भारतीय टीम के साथ बतौर टीम डायरेक्टर जुड़े रहे. उनके नेतृत्व में टीम इंडिया का प्रदर्शन अच्छा रहा और कई सीरीज़ भी जीतीं. लेकिन साल 2016 में कोच के आवेदन के समय रवि शास्त्री की जगह अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का नया कोच नियुक्त किया गया था.

शुरुआत में शास्त्री ने इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था, लेकिन जब बीसीसीआई ने आवेदन स्वीकार करने की तारीख 9 जुलाई तक बढ़ा दी, तो उन्होंने भी इस पद लिए अप्लाई किया.

हम आपको बता दें कि  रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के बेहतरीन ऑल-राउंडर्स में से एक माने जाते हैं. रवि शास्त्री ने भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे मुकाबले खेले हैं. जिसमें उन्होंने 6000 से ज्यादा रन और 280 विकेट चटकाए हैं. वो साल 1981 से लेकर 1992 तक भारतीय वनडे और टेस्ट क्रिकेट टीम के साथ जुड़े रहे. रवि शास्त्री साल 1983 में विश्वकप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे. मौजूदा समय में रवि शास्त्री वर्ल्ड क्रिकेट के बड़े जानकार और बेहतरीन कॉमेंटेटर के रूप में भी जाने जाते हैं.

राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के नाम जिस दिग्गज को सबसे ज्यादा इज्जत की नज़र से देखा जाता है वो हैं राहुल द्रविड़. द्रविड़ का योगदान भारतीय क्रिकेट में कितना बड़ा है इसे बताने की किसी को ज़रूरत नहीं है. टेस्ट क्रिकेट में 13 हज़ार से ज्यादा रन, वनडे में करीब 11 हज़ार रन ये बताने के लिए काफी है कि द्रविड़ का भारतीय क्रिकेट में क्या योगदान है.

द्रविड़ ने साल 1996 से लेकर 2012 तक भारतीय क्रिकेट को अपनी सेवाएं दीं. इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक एक सफल कप्तान के तौर पर भी काम किया. मौजूदा टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के साथ राहुल द्रविड़ ने ड्रेसिंग रूम भी शेयर किया है. जिनमें एमएस धोनी, युवराज सिंह, विराट कोहली के नाम आते हैं. जबकि कई युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.

ज़हीर खान भारतीय क्रिकेट टीम की तेज़ गेंदबाज़ी को वर्ल्ड क्रिकेट में एक नई पहचान दिलाने वाले ज़हीन खान ने टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेला है. ज़हीर ने 92 टेस्ट मुकाबलों में कुल 311 विकेट चटकाए. वहीं 15 साल लंबे करियर में उन्होंने 200 वनडे मुकाबलों में 282 विकेट अपने नाम किए.

जह़ीर भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा थे. इसके साथ ही साल 2003 के विश्वकप के फाइनल के सफर तक पहुंचने में भी ज़हीर का अहम योदगान रहा है. अकसर इंग्लैंज, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका जैसे दौरे पर वो टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण गेंदबाज़ की भूमिका में रहे.

 

 




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