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एंडी मर्रे के बाद जोकोविच भी विंबलडन से बाहर, रोजर फेडरर 12वीं बार सेमीफ़ाइनल में

एंडी मर्रे के बाद जोकोविच भी विंबलडन से बाहर, रोजर फेडरर 12वीं बार सेमीफ़ाइनल में

 

लंदन: रोजर फेडरर ने ग्रास कोर्ट पर अपनी महारत के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए बुधवार (12 जुलाई) रात यहां सीधे सेटों में जीत दर्ज करके विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनायी जबकि चोटों से जूझ रहे पहली वरीयता प्राप्त एंडी मर्रे के बाद दूसरे वरीय नोवाक जोकोविच भी क्वॉर्टर फाइनल से ही बाहर हो गये.

 

स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी फेडरर ने कनाडा के छठे वरीय मिलोस राओनिच को 6-4, 6-2, 7-6 (7/4) से हराकर 12वीं बार विंबलडन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. राफेल नडाल और मर्रे के बाद अब जोकोविच के भी बाहर होने से उनकी आठवां खिताब जीतने की संभावना भी प्रबल हो गयी है. ऑल इंग्लैंड क्लब पर अपना 100वां मैच खेल रहे 35 वर्षीय फेडरर विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले ओपन युग के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गये हैं. केन रोसवेल 1974 में 39 साल की उम्र में अंतिम चार में पहुंचे थे.

 

शीर्ष चार खिलाड़ियों में से अब केवल फेडरर ही बचे हैं जो कि खिताब की दौड़ में बने हुए हैं. कूल्हे की चोट से परेशान ब्रिटिश खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन मर्रे को बुधवार को अमेरिका के 24वें वरीय सैम क्वेरी के हाथों पांच सेट तक चले मुकाबले में 3-6, 6-4, 6-7 (4/7), 6-1, 6-1 से हार झेलनी पड़ी, जबकि तीन बार के चैंपियन सर्बियाई स्टार जोकोविच भी कोहनी की चोट के कारण चेक गणराज्य के 11वें वरीय टॉमस बर्डिच के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल मैच के बीच से हट गये.

 

जोकोविच ने जब हटने का फैसला किया तब बर्डिच 7-6 (7/2), 2-0 से आगे चल रहे थे. इसका मतलब है कि अब शुक्रवार (14 जुलाई) को होने वाले सेमीफाइनल में फेडरर का सामना बर्डिच से होगा. दूसरा सेमीफाइनल क्वेरी और क्रोएशिया के सातवें वरीय मारिन सिलिच के बीच होगा. सिलिच ने लक्समबर्ग के 16वें वरीय जाइल्स मुलेर को 3-6, 7-6 (8/6), 7-5, 5-7, 6-1 से पराजित किया. वह मुलेर ही थे जिन्होंने नडाल को हराकर अंतिम आठ में जगह बनायी थी.

 

फेडरर ने मैच के बाद कहा, ‘मैं विश्वास नहीं कर सकता कि मैंने यहां 100वां मैच खेला. मुझे खुशी है कि इतने वर्षों में मेरी फिटनेस बनी रही. मैं जैसा खेल रहा हूं उससे मैं खुश हूं.’ जोकोविच पिछले कुछ समय अच्छी फॉर्म में नहीं चल रहे हैं. वह पिछले एक साल से भी अधिक समय से कोहनी की चोट से जूझ रहे हैं. बर्डिच के खिलाफ मैच के दौरान उनका दर्द इतना बढ़ गया था कि उनके पास हटने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.

 

जोकोविच ने बाद में कहा, ‘संभावना है कि चिकित्सक ऑपरेशन करने के लिये कहें, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह सही होगा. ऑपरेशन करवाना और दवाइयां खाकर अपने अंदर जहर भरना दोनों ही समाधान अच्छे नहीं हैं. लंबे समय तक विश्राम करना तार्किक समाधान हो सकता है. यह सिर्फ चोट ही नहीं बल्कि मेरे दिमाग के लिये भी जरूरी है.’ उन्होंने कहा, ‘अपने पूरे करियर के दौरान मैंने पूरी तरह से स्कूल के कार्यक्रम का अनुसरण किया. मुझे कभी डांट नहीं पड़ी, हो सकता है मुझे अगले सेमेस्टर से बाहर होना पड़े.’

 

मर्रे उलटफेर का हुए शिकार, कुर्रे सेमीफाइनल में सिलिच से भिड़ेंगे

 

सैम कुर्रे ने बुधवार (12 जुलाई) को यहां क्वॉर्टरफाइनल में उलटफेर करते हुए गत चैम्पियन एंडी मर्रे को हराकर विम्लबडन ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जिसमें उनकी भिड़ंत मारिन सिलिच से होगी. कुर्रे ने पिछले साल 2015 के चैम्पियन नोवाक जोकोविच को तीसरे दौर में हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था और अब इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी पर 3-6, 6-4, 6-7 (4/7), 6-1, 6-1 से जीत दर्ज की. इस तरह उन्होंने 42वें प्रयास में ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में पहली बार जगह सुनिश्चित की.

 

दो बार के चैम्पियन मर्रे हाल के दिनों में कूल्हे की समस्या से जूझ रहे हैं, वह इसी के कारण परेशानी में दिखे जिससे उनका मूवमेंट काफी प्रभावित हुआ. उन्होंने कहा, ‘मुझे लंबे समय से कूल्हे में परेशानी हो रही थी, इसमें सूजन है. लेकिन मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास किया. लेकिन हारना निराशाजनक था. मुझे इसका दुख है.’ कुर्रे अब फाइनल में जगह बनाने के लिये सिलिच से भिड़ेंगे, जिन्होंने भी पहली बार विम्बलडन के सेमीफाइनल में जगह बनायी. सिलिच ने जाइल्स मुलर पर 3-6, 7-6 (8/6), 7-5, 5-7, 6-1 से जीत दर्ज की जिन्होंने अंतिम 16 में राफेल नडाल को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था.

 

दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी सिलिच विम्बलडन में तीन बार खेल चुके हैं जिसमें वह क्वॉर्टरफाइनल में हार गये थे. लेकिन इस पूर्व अमेरिकी ओपन चैम्पियन ने आखिरकार अंतिम चार में प्रवेश कर लिया और अब वह मेजर टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में पहुंचने की उम्मीद करेंगे.

 

सिलिच हालांकि कुर्रे के खिलाफ अपनी चारों भिड़ंत में जीत चुके हैं, जिसमें 2009, 2012 और 2015 विम्बलडन के तीन मैच शामिल हैं. एंडी रॉडिक के 2009 में विम्बलडन में उप विजेता रहने के बाद कुर्रे किसी ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी हैं.  कुर्रे ने कहा, ‘यह शानदार है. विम्बलडन के सेमीफाइनल में पहुंचकर सपना सच हो गया, यह काफी विशेष है.’ हालांकि मैच शुरू होने के समय मर्रे को कोई परेशानी नहीं दिख रही थी. पहले सेट में मर्रे ने शानदार खेल दिखाते हुए 2-0 की बढ़त बनायी और दो अनफोर्स्ड गलतियों के बाद इसे अपने नाम कर लिया.

 

दूसरे में स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ने 4-3 से बढ़त बना ली, लेकिन कुर्रे ने वापसी करते हुए तीन लगातार गेम से सेट जीतकर बराबरी हासिल की. तीसरे सेट में टाईब्रेक में कुर्रे के लचर खेल से मर्रे ने वापसी करते हुए 2-1 से बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद मर्रे के मूवमेंट सीमित होते गये, 22 मिनट तक चले चौथे सेट में तीन बार उनकी सर्विस टूटी. पांचवां सेट भी इसी तर्ज पर चला और 27 मिनट में खत्म हुआ जिसमें मर्रे ने केवल एक अंक अपने नाम किया




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