दीवाली की आतिशबाजी से प्रदूषित हुआ शहर

देश ने कल धूमधाम से दीवाली मनाई. दीवाली पर देश में खूब पटाखे फोड़े गए. दिल्ली एनसीआर और मुंबई में तो कुछ ज्यादा ही आतिशबाजी हुई है. इस सबका असर ये है कि दिल्ली और मुंबई में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है  दीपावली पर पटाखों की वजह से राजधानी दिल्ली की हवा ज़हरीली हो गई है। System of Air Quality and Weather Forecasting and Research यानी SAFAR ने बीती रात 8 बजे PM 2.5 का स्तर 283 माइक्रोग्राम per cubic metre और PM 10 का स्तर 517 माइक्रोग्राम per cubic metre दर्ज किया। ये वायु प्रदूषण का बेहद खतरनाक स्तर है। दिल्ली ही नहीं दूसरे महानगरों में भी पटाखों का असर देखने को मिल रहा है। इससे पहले SAFAR ने कहा था कि जिस तरह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नज़र आ रहा है उसे देखते हुए संभव है कि अक्टूबर में दिल्ली में प्रदूषण का तीन साल पुराना रिकॉर्ड टूट जाए।

SAFAR ने कहा था कि दिल्ली में हवा के लिहाज़ से सबसे सुरक्षित जगह लोधी रोड है। जबकि सबसे खतरनाक स्थिति नोएडा और पूसा रोड की बताई थी। PM 2.5 प्रदूषण के सबसे छोटे कण होते हैं। यह आसानी से लोगों के नाक और कान में पहुंच जाते हैं। लोगों के शरीर में पहुंचने के बाद ये शरीर को कमज़ोर करना शुरू कर देता है। दिल्ली में पिछले कुछ सालों से प्रदूषण में ये कण काफी बढ़ गए हैं। दिल्ली एनसीआर में सिर्फ हवा की खतरनाक नहीं है बल्कि गंदगी भी बड़ी चुनौती है. आतिशबाजी के बाद जगह जगह दिल्ली में पटाखों का कूड़ा जमा है.मुंबई में भी दीवाली के बाद प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. मलाड में पीएम 2.5 का स्तर 311, अंधेरी में पीएम 2.5 का स्तर 306 और नवी मुंबई में पीएम 2.5 का स्तर 309 मापा गया है.

दीवाली के बाद हुआ वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार की संस्था सफर ने दिशा निर्देश भी जारी किए हैं. इनके मुताबिक हवा में प्रदूषण से हालात बेहद चिंताजनक हैं इस हवा में सांस से जुड़ी बीमारियां का खतरा है. लोग जरूरत ना हो तो बाहर ना निकलें. दिल और फेफड़े की बीमारी वाले लोग खास सावधानी बरतें. बुजुर्ग और बच्चों को घर में रहने की सख्त हिदायत.




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