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बैंकों से कैश लेन-देन हुआ महंगा

बैंकों में एक सीमा से अधिक कैश ट्रांजैक्शन अब महंगा पड़ेगा। प्राइवेट बैंक्स ने अब कैश ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। जिसके तहत एक महीने में चार बार लेन-देन मुफ्त होगा लेकिन पांचवें ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगेगा।

एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक ने कैश ट्रांजैक्शन पर अब शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। जिसके तहत पांचवें ट्रांजैक्शन से 150 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। सेविंग और सैलरी अकाउंट पर यह नियम 1 मार्च से लागू कर दिया गया है। कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिये बैंकों ने ये कदम उठाया है।

नोटबंदी की घोषणा के पहले से ही आईसीआईसी बैंक पहले से ही कैश ट्रांजजैक्शन पर शुल्क ग्राहकों से वसूल कर रहा है। बैंक ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी है कि महीने में चार ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे। इसके बाद प्रति हजार 5 रुपये की फीस ली जाएगी। जो एक महीने में 150 रुपये तक हो सकती है। थर्ड पार्टी लिमिट प्रतिदिन 50000 हजार रुपये है।

नॉन होम ब्रांच से महीने में एक बार कैश निकालने पर फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन उसके बाद प्रति हजार 5 रुपये देने होंगे, जो कम से कम डेढ़ सौ रुपये होगा। कैश डिपॉजिट पर बैंक प्रति हजार पांच रुपये चार्ज करेगा। यहां तक कि कैश डिपॉजिट मशीन से भी महीने में एक ही बार मुफ्त रुपये जमा करा सकते हैं। इसके बाद यहां भी 5 रुपये प्रति हजार देने होंगे।

एक्सिस बैंक ने पांच ट्रांजैक्शन या 10 लाख रुपये तक नकदी जमा या निकासी पर कोई फीस नहीं लेगी। लेकिन इसके बाद 5 रुपये प्रति हजार या 150 सौ रुपये देना होगा या फिर जो भी अधिक हो।

हालांकि अभी तक सरकारी बैंक भी इस तरह का कोई कदम उठाएंगे इसकी जानकारी नहीं आई है। इस संबंध में सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है।




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