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फिच ने भारत की रेटिंग लगातार 12वे साल बरकरार रखी

रेटिंग एजेंसी फिच ने मोदी सरकार को झटका दिया है। फिच ने भारत की रेटिंग में इस साल भी बदलाव नहीं किया है। फिच ने भारत की सोवेरन रेटिंग लगातार 12वे साल बरकरार रखी है। एजेंसी ने भारत को BBB- रेटिंग दी है। ये सबसे कम इन्वेस्टमेंट ग्रेड है। रेटिंग एजेंसी ने भारत का आउटलुक स्टेबल बताया है। भारत में जीएसटी लागू करने की तारीफ भी की है। बयान में कहा है कि जीएसटी से मध्यम अवधि में ग्रोथ आएगी। फिच ने वित्त वर्ष 2019 के लिए भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

एजेंसी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2020 में भारत 7.5 फीसदी की दर से विकास करेगा। नोटबंदी और जीएसटी का असर अब खत्म हो गया है। एक महीने पहले ही मोदी सरकार ने फिच को भारत में हो रहे सुधारों की जानकारी देकर रेटिंग अपग्रेड करने के लिए कहा था। एजेंसी ने पिछली बार अगस्त 2006 में भारत की रेटिंग BB+ से बदलकर BBB- की थी। फिच ने कहा है कि रिजर्व बैंक अगले साल से रेपो रेट में बढ़ोतरी करना चालू कर सकता है। एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2019 में महंगाई 4.9 फीसदी रहेगी।

फिच ने कहा है भारत ने वर्ल्ड बैंक की आसान कारोबार की सूची में 30 स्थान की छलांग लगाई है। भारत के पास अपनी स्थिति मजबूत करने की बहुत क्षमता है। हालांकि अभी भी उसकी रैंकिंग BBB और BB के नीचे है। एजेंसी ने चिंता जताई है कि भारत की राजकोषिय स्थिति कमजोर है। ये ही भारत की रेटिंग में सबसे बड़ा रोड़ा है। अगर किसानों को उनकी फसलों के दाम 1.5 गुना दिए गए और कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई तो मॉनिटरी पॉलिसी सख्त हो सकती है। इस कारण रिजर्व बैंक दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।




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