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नीतीश कुमार पर हैं हत्या का आरोप : लालू प्रसाद यादव

बिहार के सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे से बौखलाए राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उनको आड़े हाथों लेते हुए उन पर आरोपों की बौछार कर दी. उन्होंने बुधवार (26 जुलाई) को नीतीश कुमार पर बात से पलटने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर अपने बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर लगे आरोपों को निराधार बताया. मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने नीतीश के सुशासन व पारदर्शिता के दावे पर सवाल खड़ा किया है. इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन के भविष्य के बारे में अटकलों और विवादों के बीच पद से इस्तीफा दे दिया. बिहार के राज्यापाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है और कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कहा है. इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जितना संभव हो सका उतने दिन सरकार चलाई, अब इस माहौल में मेरे लिए काम करना संभव नहीं था. मैंने अंतरात्मा की आवाज सुनी और इस्तीफा देने का फैसला लिया. नीचे पढ़िए लालू यादव ने नीतीश पर क्या आरोप लगाए और उनके इस्तीफे पर क्या कहा…

 

‘नीतीश कुमार पर है हत्या का आरोप’

नीतीश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए लालू ने कहा, “नीतीश कुमार पटना के पंडारक थाने में वर्ष 1991 में एक हत्या के मामले में आरोपी हैं. ऐसे में उनका मुख्यमंत्री बने रहना कहां का जीरो टॉलरेंस था. इस मामले में अदालत ने संज्ञान भी लिया है, परंतु नीतीश अपने पद का इस्तेमाल कर उस मामले को दबाए हुए हैं.” लालू ने दावा किया कि नीतीश कुमार पर मर्डर केस का आरोप है. लालू यादव ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में इस बात को स्वीकार किया है कि उनके ऊपर आईपीसी की धारा 302, 310, 307 का केस चल रहा है. 302 में फांसी या उम्रकैद की सजा होती है. अत्याचार का केस कथित भ्रष्टाचार से बड़ा होता है.’

लालू ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने कोई इस्तीफा नहीं मांगा था. नीतीश कुमार अपनी बात से पलट गए. मिट्टी में मिल जाएंगे लेकिन बीजेपी में नहीं जाएंगे.

लालू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नीतीश कुमार ने कभी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ मुक्त भारत का नारा दिया था. अब पता नहीं क्या हो गया है? उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से बड़ा अत्याचार होता है. उन्होंने कहा कि नीतीश के इस्तीफे के बाद महागठबंधन समाप्त नहीं हो गया है. उन्होंने कहा कि नीतीश से अगर सरकार नहीं चलती है, तो कोई बात नहीं, उन्होंने इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने नीतीश से अपील की कि महागठबंधन में शामिल सभी दल के विधायकों को एक साथ बैठाएं और नए नेता का चुनाव करें और फिर से सरकार का गठन हो. राजद नेता ने नीतीश कुमार पर परोक्ष रूप से यह भी आरोप लगाया कि वह भाजपा से मिले हुए हैं.

इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बुधवार दोपहर कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद का इस्तीफा नहीं मांगा. उन्होंने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे, यह राजद विधानमंडल की बैठक में तय हो चुका है. पटना में राजद विधानमंडल दल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लालू ने महागठबंधन में किसी प्रकार की टूट से इनकार करते हुए कहा था, “महागठबंधन में कोई टूट वाली बात नहीं है. मैं रोज नीतीश कुमार से बात करता हूं. कल ही रात को हमारी बात हुई.”




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