Search

बारिश ने रोकी मुंबई की रफ्तार, अस्पतालों में घुसा पानी, सांताक्रुज इलाके में 3 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 87 मिमी बारिश हुई

मायानगरी मुंबई पर मूसलाधार मुसीबत टूट पड़ी है. ऐसी मुसीबत जिसने जुलाई 2005 की भयावह यादें ताजा कर दीं. मंगलवार सुबह से हुई तेज बारिश में सड़कें तो जैसे समंदर बन गईं. गाड़ियां फंस गईं, रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए और फ्लाइटें देरी से चलने लगीं. 29 अगस्त, 2017 को जारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक 105 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.

पीएम ने दिया मदद का भरोसा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने हालात की समीक्षा की और लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम फडनवीस से बात कर केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है. पीएम ने मुंबई और प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित रहने और सभी तरह की सावधानियां बरतने को कहा है.


बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

बारिश से जूझ रहे मुंबई के लोगों को प्रशासन की ओर से तमाम हिदायतें दी गई हैं. आने वाले 24 घंटों में हालात और बिगड़ने की संभावना है. आपदा प्रबंधन और बृहद मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने शहर में अलर्ट जारी कर दिया है. ऐसे में कल सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का भी निर्देश दिया गया है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री विनोद तावड़े ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कल भी भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.

BMC कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

BMC ने मुंबई के हालात देखते हुए अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रदद् कर दी हैं. बारिश के कारण मुसीबत में फंसे लोगों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1916 जारी किया गया है. BMC ने बताया कि जल भराव पर काबू पाने के लिए छह बड़े पंपिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं और उसके 30 हजार कर्मचारी राहत व बचाव कार्यों में लगे हैं.

टोल केंद्रो को सीएम का निर्देश

सीएम फडनवीस ने किसी भी तरह की मदद के लिए मुंबई पुलिस को ट्वीट, कॉल या व्हाट्सऐप पर मैसेज करने को कहा है. फडनवीस ने सभी टोल केंद्रों को हालात सामान्य होने तक टोल ना लेने के निर्देश दिए हैं. नौसेना ने बताया कि मुंबई में भारी बारिश के बाद उसके हेलीकॉप्टर और गोताखोरों को तैयार रखा गया है.

NDRF की 10 टीमें तैनात

मुंबई में NDRF की 10 टीमें मुंबई में तैनात की गईं हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के डीजी संजय कुमार ने बताया कि NDRF की टीम लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है, जरूरत के मुताबिक टीमों को डाइवर्ट किया जा रहा है. टीमें बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी साजो-सामान से लैस हैं. संजय कुमार ने बताया कि अभी जिन इलाकों में बाढ़ आई है, वहां बोट नहीं चल रही है, जरूरत के हिसाब से लोगों तक पहुंचा जा रहा है.

गिर गए 200 पेड़, 42 एक्सीडेंट

BMC कंट्रोल रूम के मुताबिक बारिश की वजह से मुंबई में 200 पेड़ गिर गए और 70 शॉर्ट सर्किट हुए. बीएमसी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में यहां बारिश से जुड़े 42 एक्सीडेंट सामने आए हैं.

रेलवे ट्रैक पर पानी ही पानी

सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने सूचना दी है कि मंगलवार शाम 7 बजे से पानी का स्तर कम होने लगा, लेकिन ट्रेनों के संचालन के लिए जरूरी है कि पानी का स्तर रेलवे ट्रैक पर 100 मिमी तक आ जाए. अभी ट्रैकों पर पानी का स्तर 300 मिमी है. रेलवे हालात पर नजर रखे हुए है, पानी का स्तर कम होते ही ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.

12 साल बाद आपात स्थिति घोषित

सोमवार से जारी बारिश की वजह से 12 साल बाद मुंबई महानगरपालिका ने आपात अलर्ट जारी किया है. इससे पहले 26 जुलाई, 2005 को ऐसा किया गया था. मंगलवार के हालत देखकर मुंबई के लोगों को साल 2005 का वो दिन याद आ गया, जब 26 जुलाई को दोपहर दो बजे शुरू हुई बारिश अगले दिन 27 जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे तक हुई थी. तब मुंबई में 18 घंटे की बरसात में 944 मिलीमीटर पानी बरसा था और बारिश ने 409 लोगों की जान ले ली थी.




>