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गुस्साए लोगों के प्रदर्शन का सामना करने पर बोले सीएम योगी, ‘नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो’

ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर वाली जगह पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुरुवार को गुस्साए लोगों के प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। हादसे में 13 मासूम बच्चों की जान चली गई। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद योगी दुर्घटना वाली जगह पर पहुंचे और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में काफी गुस्सा था। भीड़ रेलवे और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी। लोगों का आरोप था कि दुर्घटना के लिए ये लोग ही जिम्मेदार हैं।

मुख्यमंत्री ने भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन नारेबाजी जारी रही। इस पर नाराज योगी बोले, ‘नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यहां सिर्फ अपनी सहानुभूति व्यक्त करने आया हूं।’ इस पर भी प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए। कुछ लोग रेल पटरी पर जाकर बैठ गए। उनकी मांग थी कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए मानवरहित क्रॉसिंग पर रेलवे का कोई कर्मचारी तैनात किया जाए।

इससे पहले सीएम योगी ने मीडिया से कहा, ‘आज सुबह पता लगा कि दुदही रेलवे स्टेशन के पास मानवरहित क्रॉसिंग पर दु:खद घटना हुई है। वैन ट्रेन से टकरा गई, जिससे 13 बच्चों की दु:खद मौत हुई है। लापरवाही के लिए जो जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सरकार कठोरतम कार्रवाई करेगी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यहां परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने आया हूं। प्रात: ही मैंने इस संबंध में रेलमंत्री से बातचीत की। प्रथम दृष्टया इस मामले में वैन ड्राइवर की गलती सामने आ रही है। ड्राइवर ईयर फोन लगाकर वैन चला रहा था। उसकी आयु को लेकर भी कुछ बातें सामने आ रही हैं। गोरखपुर कमिश्नर (आयुक्त) को जांच के आदेश दिए गए हैं।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से कठोर निर्देश थे कि सुरक्षा नियमों का पालन कड़ाई से कराया जाए, खासकर जब स्कूली वाहन से बच्चे जाते हैं तो मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा, ‘किन कारणों से ये चीजें (दिशा-निर्देश) फॉलो नहीं हो पाई हैं। मामले के जांच के आदेश दिए गए हैं।’ योगी ने कहा कि आगे से ऐसी दु:खद घटना ना हो, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। ‘मैं मृतक बच्चों के परिजनों से मिला। उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय आर्थिक सहयोग करेंगे।’

इस सवाल पर कि बच्चे जिस स्कूल के छात्र थे, उस डिवाइन पब्लिक स्कूल का पंजीकरण था या नहीं, योगी ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच का आदेश दिया गया है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिये गये हैं। घायलों को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मानवरहित क्रॉसिंग पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए हमने रेल मंत्रालय से ऐसी क्रॉसिंग मानवयुक्त करने की अपील की है। आवश्यकता होने पर रोड ओवरब्रिज बनाया जाएगा।

योगी ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच का आदेश दिया गया है। फिलहाल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।  योगी ने कहा, ‘गोरखपुर के कमिश्नर (आयुक्त) को घटना की जांच का निर्देश दिया गया है और उनसे शाम तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।’ योगी ने मृत बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मानवरहित क्रासिंग पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए हमने रेल मंत्रालय से ऐसी क्रासिंग मानवयुक्त करने की अपील की है। आवश्यकता पड़ेगी तो रोड ओवरब्रिज बनाया जाएगा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने इस हादसे पर ट्वीट कर कहा, ‘कुशीनगर, उतर प्रदेश में मासूम बच्चों को ले जा रही बस की दुर्घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवारों तथा घायल हुए लोगों, ख़ासकर बच्चों के साथ हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘बहुत दुखद समाचार मिला। बहुत पीड़ा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी। रेलवे विभाग भी आवश्यक कार्रवाई करेगा।’

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, कुशीनगर में हुए हादसे में स्कूली बच्चों की मृत्यु का दुःखद समाचार मिला, मैंने सीनियर अधिकारियों द्वारा हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं, मृतकों के परिवार जनों को रेलवे की ओर से 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही 2-2 लाख रुपए की राशि के अतिरिक्त होगी।’

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय, सपा मुखिया अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी घटना पर गहरा दु:ख प्रकट किया है।

कुशीनगर बार काउंसिल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जिला अस्पताल के कर्मियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से अवगत कराया। बार काउंसिल के सदस्यों ने योगी से शिकायत की, जैसे ही 13 शव देखे, कुशीनगर जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने 4 घायल बच्चों और वैन चालक को बिना कोई प्राथमिक चिकित्सा दिए बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।’ दुदही रेलवे स्टेशन के निकट क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों से भरी वैन पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई। हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई।




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