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दिलों के रिश्ते कार्ड से खत्म नहीं होते, OCI कार्ड के नियमों को सरल बनाया जायेगा: पीएम मोदी

इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों से तेल अवीव कन्वेंशन सेंटर में मुखातिब हुए. प्रधानमंत्री को सुनने के लिए वहां करीब पांच हजार भारतीय पहुंचे.

इस दौरान पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ये ह्यूमन नेचर है कि जब कोई व्यक्ति किसी चहेते से बहुत दिन बाद मिलता है तो कहता है बहुत दिन बाद मुलाकात हुई फिर कहते हैं कि कैसे हो. ये कैसे हो पहला वाक्य ही कनक्लूजन के साथ जुड़ा होता है जो व्यक्ति के हालचाल के साथ यह भी शिकायत कर देता है कि बहुत दिन बाद मिले. मैं आपके साथ वही संवाद करना चाहता हूं कि बहुत दिन बाद मिले, सच ये है कि मिलने में कई साल लग गए. दस बीस साल नहीं 70 साल लग गए.

पीएम मोदी ने कहा, भारत की स्वतंत्रता के बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री आज इजरायल की धरती पर है. इस अवसर पर इजरायल के प्रधानमंत्री और मेरे दोस्त नेतन्याहू मेरे साथ उपस्थित हैं. उन्होंने जैसा सम्मान मुझे दिया है वो भारत के सवा सौ करोड़ लोगों का सम्मान है. ऐसे सम्मान को कोई कभी भी भुला नहीं सकता. हम दोनों में एक समानता यह भी है कि हम दोनों ही अपने-अपने देश की स्वतंत्रता के बाद जन्मे हैं. यानि मैं भारत की स्वतंत्रता के बाद जन्मा और नेतन्याहू इजरायल की स्वतंत्रता के बाद.

उन्होंने कहा, कल रात्रि भोजन के बाद जो मेरी आवभगत की मैं उसे सदैव याद रखूंगा. हम दो दोनों देशों के बीच भले ही रिश्तों के 25 साल हुए हैं लेकिन भारत और इजरायल कई सालों से गहरे जुड़े हुए हैं. मुझे बताया गया है कि महान भारतीय संत लंबे समय तक येरुशलम में साधना की थी. बाद में ये जगह तीर्थस्थल बनी.

पीएम मोदी ने साथ ही कहा कि भारत और इजरायल का ये साथ परंपराओं का है. ये साथ भरोसा और मित्रता का भी है. हमारे त्यौहारों में भी एक अद्भूत समानता है. भारत में होली मनती है तो यहां परीम मनाया जाता है. भारत में दिवाली मनाई जाती है तो यहा अनुगा मनाया जाता है.

पीएम मोदी ने कहा, भारतीय टीम के खिलाड़ी भी इस अवसर पर यहां मौजूद हैं. मेरी उन सबको शुभकामनाएं हैं. मैं इजरायल की शौर्यता को प्रणाम करता हूं. किसी भी देश का आकार नागरिकों का भरोसा तय करता है. संख्या और आकार उतना मायना नहीं रखता ये इजरायल ने करके दिखाया है. साबित किया है.

उन्होंने कहा, कल रात को मेरे मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू के यहां खाने पर गया था. बहुत ही अच्छा माहौल था. भारतीय समय के मुताबिक सुबह ढाई बजे तक हम बातचीत करते रहे. वापस आते समय उन्होंने मुझे एक तस्वीर भेंट की जिसमें पहले विश्वयुद्ध का दृश्य था.

पीएम मोदी ने साथ ही कहा, यहूदी समुदाय के लोग भारत में बहुत कम संख्या में रहे हैं. लेकिन जिस भी क्षेत्र में रहे हैं उन्होंने अपनी उपस्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से दर्ज कराई है. फिल्म में भी यहूदियों ने अच्छा प्रदर्शन किया. भारतीय समुदाय के प्रति उनका प्रेम ही उन्हें यहां खींच लाया है. मुझे याद है भारत की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में भी ज्यूस समुदाय के एक मेयर रह चुके हैं. यह वह समय था जब मुंबई को बॉम्बे कहा जाता था. भारत में भी बहुत कम लोगों को पता होगा कि ऑल इंडिया रेडियो की जो सिग्नेचर ट्यून है वह एक ज्यूस ऑल्टर ने कंपोज किया था. वे यहूदी बाद में थे पहले भारतीय थे. जब वे इजरायल आए तो साथ में भारतीय संस्कृति साथ लाए. वे आज भी भारत से जुड़े हुए हैं. मुझ खुशी है कि यहां माई ओली मराठी पत्रिका का प्रकाशन होता है. दक्षिण भारत से आए लोग यहां ओणम मनाते हैं.

इजरायल में बसे भारतीयों के योगदान को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारतीय समुदाय ने यहां हेल्थ और कृषि सेक्टर में छाप छोड़ी. हर हिन्दुस्तानी को आज आप पर गर्व है. इजरायली डिफेंस फोर्सेज या डिफेंस की ट्रेनिंग बहुत पहले से मिलने लगती है. इनोवेशन के प्रति इजरायल की गंभीरता इसी से साबित होती है कि अब तक किसी भी राष्ट्र के मुताबिक इनोवेटिव का क्या महत्व है ये इजरायल से पता चलता है. इजरायल ने इनोवेटिव के जरिए पूरे विश्व को चौंका दिया है. अनेक क्षेत्रों में अपने नए-नए इनोवेशन में इजरायल ने दुनिया के बड़े-बड़े देशों के पीछे छोड़ दिया है. इजरायल को ऐसे ही स्टॉर्टअप कंट्री नहीं कहा जाता है. इसके पीछे सिद्धि है.

इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपनी सरकार का कामों का ब्योरा देते हुए कहा, मेरी सरकार का मंत्र था वन नेशन वन टैक्स वन मार्केट का सपना पूरा हो चुका है. 1 जुलाई से अब पूरे भारत में एक ही प्रकार का टैक्स लगेगा. टैक्स सिस्टम पहले उलझा हुआ था. हर कोई परेशान था. जैसे सरदार पटेल ने राजे रजवाड़ों को मिलाकर एकीकरण किया था 2017 में आर्थिक एकीकरण सफल हुआ. स्पेक्ट्रम की नीलामी की पारदर्शी प्रकिया से की. हमने अर्थव्यव्स्था में सिस्टमेटिक रिफॉर्म का भी प्रावधान किया.

उन्होंने कहा, 2022 हमें भूलना नहीं चाहिए. 2022 आजादी के 75 साल हो रहे हैं. आजादी के लिए मर मिटने वाले लोगों ने आजाद भारत के लिए जो सपने देखे थे, 2022 तक भारत को ऊपर ले जाना है. 2022 तक हर गरीब को जिसके पास अपना घर नहीं है. हमारा सपना है कि 2022 तक उसके पास घर हो. घर में पानी हो. हमने रियल स्टेट को भी इस सपने को साकार करने में लगाया. विदेशी निवेश को बढाया. बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत करने में विशेष बल दिया. हमने देश के अंदर महत्वपूर्ण कानून बनाए. आज बैंकरप्ट एक कानून है जिसकी जरूरत कई सालों से थी. हमने नियमों में भी सरलता लाने की कोशिश की. मिनिमम गवर्नमेंट की विधा पर काम किया. लोगों को छोटी छोटी चीजों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े इस पर काम किया जा रहा है. 2014 से पहले एक कंपनी को इनकॉपरेट करने के लिए महीना दो महीना लगता था आज एक दो हफ्ते में और अब 24 घंटे के भीतर हो रही है. अगर कोई नवजवान स्टॉर्टअप करना चाहता है तो वह 24 घंटे में अपनी कंपनी रजिस्टर करवा सकता है.

पीएम मोदी ने साथ ही कहा, ‘आज हिन्दुस्तान नौजवान है. 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 साल से कम की है. जिस देश की जनता जवान हो उसके सपने भी जवान होते हैं. उसमें जोश होता है. इसीलिए कौशल विकास केन्द्र बनाए गए. एक मंत्रालय बनाकर स्किल डेवलपमेंट को बदल दिया. हर जिले में एक कौशल विकास केंद्र खोले जा रहे हैं. भारत के युवकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देने की तैयारी. इन संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय मानक के आधार पर ट्रेनिंग दी जा रही है. सरकार का लक्ष्य 50 लाख नौजवानों को ट्रेनिंग देने का है. इसके ऊपर सरकार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

पीएम मोदी के साथ इस दौरान नेतन्याहू भी मौजूद थे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ये वे लोग हैं जो भारत को प्यार करते हैं, जो इजरायल को प्यार करते हैं. नेतन्याहू ने एक यहूदी महिला शिपोवा का जिक्र किया जिसने सालों पहले भारत और इजरायल के संबंधों को लेकर सोचा था. नेतन्याहू ने कहा कि हमने तय किया है कि हम कई क्षेत्रों में एकसाथ काम करेंगे. भारत और इजरायल की दोस्ती को नए मुकाम पर ले जाएंगे.




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