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सामाजिक बदलाव के लिए अहम है चौथी औद्योगिक क्रान्ति: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व आर्थिक मंच के चौथे औद्योगिक क्रान्ति सेन्टर को किया लॉन्च,   कहा भारत उठाएगा इसका पूरा लाभ, चौथी औद्योगिक क्रान्ति को ग़रीबी हटाने और सामाजिक बदलाव के लिए बताया अहम, मिनिमम गर्वमेंट मैक्सिमम गर्वनेंस के लक्ष्य को हासिल करने में भी मिलेगी मदद।

प्रधानमंत्री मोदी ने  दुनिया की चौथी औद्योगिक क्रान्ति को सामाजिक बदलाव के लिए अहम बताया। मुबंई में विश्व आर्थिक मंच के सहयोग से बनें सेंटर का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने राजधानी दिल्ली में किया। इस सेंटर का लक्ष्य केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठन और सिविल सोसायटी के साथ मिलकर उपकरण बनाने पर काम करेगा जो सरकार के तकनीक आधारित कामकाज में तेजी लाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रान्ति ग़रीबी हटाने में मददगार साबित होगा।

विश्व में बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के बीच मुबंई का ये केंद्र ज़रुरतों के मुताबिक़ ख़ास तौर पर तीन चीज़ों पर ज़्यादा से ज़्यादा काम करेगा। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और ड्रोन तकनीक शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लॉकचेन के ज़रिए मिनिमम गर्वमेंट मैक्सिमम गर्वनेंस के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होने कहा कि इसके ज़रिए भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जीवन जीने के स्तर में सुधार आएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई सुधारात्मक क़दम उठाए हैं। डिजाइन से लेकर उत्पादन और विनिर्माण में काफी बदलाव आए हैं। नए अविष्कार, कौशल विकास और संसाधनों का तकनीक के ज़रिए सही इस्तेमाल भारत में तेज़ी के साथ बढ़ रहा है। स्टार्ट अप और अटल इनोवेशन मिशन भारत में विकास की टिकाऊ नींव रख रहे हैं।

भारत में डिजिटल तकनीक के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा पिछले चार सालों में तेज़ी के साथ हुआ है। उन्होने कहा कि 2014 के बाद देश की पंचायतों में ऑपटिक फाइबर का विस्तार हुआ है ये अब 59 हज़ार से बढ़कर 1 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है। जल्द ही सभी 2.5 लाख पंचायतों तक ये पहुंचेगा। कॉमन सर्विस सेंटर की संख्या भी 2014 के मुक़ाबले 83 हज़ार से बढ़कर 3 लाख हो चुकी है। वहीं 32 हज़ार से ज़्यादा वाई-फाई हॉट स्पॉट ग्रामीण इलाक़ो में काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने जनवरी में विश्व आर्थिक मंच पर भारत के सामर्थ्य,कौशल और बढ़ती प्रौद्योगिकी की बदौलत विकसित होने के सपने को उजागर किया था। उन्होने कहा कि युवाओं और संभावनाओं से भरे देश में 21वीं सदी का नया भारत बनने का मद्दा मौजूद है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत चौथी औद्योगिक क्रान्ति के इस मौक़े का पूरा लाभ उठाएगा और दुनिया को भी मज़बूती देगा।




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