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पीएम मोदी ने कहा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना ज़रूरी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवाद से पूरी दुनिया तबाह हो रही है और इसके खिलाफ एकजुट होना ज़रूरी है. उन्होंने ये भी कहा कि जो आतंकवाद को पनाह देते है, शरण देते हैं, उन्हें भी बख्शा नही जा सकता है. विजयादशमी के मौके पर लखनऊ के ऐशगाह मैदान में एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरे विश्व की मानवतावादी शक्तियों ने तय किया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना ही होगा. प्रधानमंत्री ने मिथकीय चरित्र जटायु का उदाहरण देकर लोगों से आह्वान किया कि लोग आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों.

नरेंद्र मोदी ने कहा, ”आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहले कौन लड़ा था? कोई खोजी था, क्या कोई नेता था? रामायण गवाह है कि आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहली लड़ाई जटायु ने लड़ी थी. एक नारी के सम्मान के लिए रावण जैसी सामर्थ्यवान ताकत के खिलाफ जटायु लड़ता रहा.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और राम मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं.

उन्होंने कहा, “भगवान राम मानवता के आदर्शों और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. वो मर्यादा को रेखांकित करते हैं. भगवान राम विवेक, त्याग, तपस्या की मिसाल छोड़ गए हैं.” मोदी ने कहा, “हर कोई राम तो नही बन सकता लेकिन अनाचार दुराचार के रूप में क्या हम जटायु जैसी भूमिका अदा कर सकते हैं? अगर हमारे लोग चौकन्ने हो जाएं आतंकवाद के खिलाफ़, तो क्या मज़ाल है आतंकवादियों की.”

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के अलावा गंदगी को भी छोटा रावण करार दिया और बेटी बचाओ मुहिम पर भी बात की. उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि भ्रूण हत्या बड़ी बुराई है जिसे दूर करना ज़रूरी है. उनका कहना था, ”एक सीता के लिए जटायु मर सकता है तो घर की स्त्री को पैदा होने से पहले कैसे मार दिया जाता है? प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत जय श्री राम के उदघोष से की. उन्होंने कहा ”जय श्री राम….जय जय श्री राम.”

दशहरा के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, ”ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस अति प्राचीन रामलीला में शामिल होने का सौभाग्य मिला है.”

उन्होंने कहा, ”विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है. रावण को जलाते समय हमारा ये संकल्प हो कि हमारे सामाजिक जीवन में राष्ट्रीय जीवन में जो जो बुराईयां हैं उन बुराईयों को ऐसे ही खत्म कर के रहेंगे.”

प्रधानमंत्री का कहना था कि दशहरा का अर्थ दश बुराईयों को हरना भी हो सकता है. उनका कहना था कि बुरे सोच के रूप में पल रहे रावण को मारना है और भारत वो देश है जो युद्ध से बुद्ध तक चला जाता है.

उनका कहना था, ”कभी कभी युद्ध अनिवार्य हो जाता है लेकिन ये वही देश है जो सुदर्शन चक्र वाले कृष्ण और चरखा वाले महात्मा गांधी को युगपुरुष मानता है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊंच नीच, जातिवाद, संप्रदायवाद जैसी बुराईयां रावण का बिखरा रूप हैं जिससे मुक्ति पाना ही उद्देश्य होना चाहिए.

पीएम ने कहा कि हमें बेटों और बेटियों में अंतर खत्म करना होगा. ये साल गर्ल चाइल्ड वर्ष घोषित है. पूरा विश्व ये दिन मना रहा है. एक सीता को रावण ने हरण किया तो हम साल रावण को जलाते है, पर हर दिन कोख में लाखों सीता मार रहे हैं इसे कौन बचाएगा. इस बुराई को भी खत्म करना है. गर्भ में पल रही सीता को बचाना हमारा दायित्व है. ओलंपिक में बेटियों ने हमारा मान बढ़ाया. कोक में बेटी को मारने वाले रावण को खत्म कर हमारे घर में सीता को जन्म देने पर जश्न हो. हिंदू हो, मुसलमान हो, सिख हो या ईसाइ हो. किसी भी संप्रदाय के क्यों ना हों बेटियां समान होनी चाहिए- महिलाओं को 21वीं सदी में न्याय मिलना चाहिए.

पीएम मोदी ने ऐशबाग रामलीला मैदान में राम-लक्ष्मण और हनुमान को तिलक लगाकर उनकी आरती की. प्रधानमंत्री मोदी को गदा, धनुष, रामचरित मानस, पीतल से बना एक सुदर्शन चक्र और रामनामी दुपट्टा भेंट किया गया. मंच पर पीएम को पगड़ी भी पहनाई गई. नरेंद्र मोदी को तुलसीदास की एक दुर्लभ फोटो भी भेंट की गई. इस फोटो के बारे में कहा जाता है कि इसे शाहजहां ने तुलसीदास को अपने दरबार में बुलाकर उनकी पेंटिंग बनाई थी. ओरिजिनल पेंटिंग काशी महाराज के दरबार में है. पीएम मोदी को जो फोटो दी गई वह इसी की कॉपी है.

इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार खत्म किया. उन्होंने दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा किया. पीएम ने मजबूत और दमदार भारत बनाया. गृह मंत्री ने कहा कि लखनऊ का होने के नाते मैं एक बार फिर पीएम मोदी का स्वागत करता हूं.

 




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