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इस बार राखी बांधने के लिए मिलेंगे 2 घंटे 47 मिनट

इस बार का सावन बहुत ही खास है, क्योंकि इस बार के सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं जो कि एक शुभ संकेत माना जाता है। सावन में ही रक्षा बंधन का त्योहार भी मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन 7 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन सावन के शुभ संकेत होने के बाद भी रक्षा बंधन पर ग्रहों का प्रकोप बना हुआ है।

माना जा रहा है कि यह योग 9 सालों के बाद आया है, दरअसल इस बार रक्षाबंधन के दिन चन्द्रग्रहण के साथ भद्रा का भी साया रहेगा, जिसके चलते राखी बांधने के लिए के केवल 2 घंटे 47 मिनट तक का ही समय मिलेगा। ज्योतिषियों के अनुसार यह ऐसा योग है, जिसके चलते ग्रहण और भद्रा के समय को ध्यान में रखते हुए राखी के लिए बहुत कम समय मिल रहा है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, रक्षाबंधन पर सोमवार को ग्रहण सुबह 10:33 बजे से शुरु होगा जो रात्रि में 12:48 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक काल दोपहर 1:40 बजे से शुरु हो जाएगा। शास्त्रो के अनुसार सूतक तथा भद्राकाल में भी राखी नहीं बांधी जाती।

अगस्त की दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर सूतक लग जाएगा और भद्रा काल सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। जिसके चलते सुबह 11:30 बजे से दोपहर के 1:39 बजे के बीच रक्षाबंधन के लिए सही समय माना गया है।

ज्योतिषाचार्यों का कहना है की इस प्रकार का संयोग दशकों बाद बना है। इस बार सावन का महीना अनंत गुणा पुण्य प्रदान करने वाला है। इस महीने में किया गया दान-पुण्य एवं पूजन समस्त ज्योर्तिलिंगों के दर्शन के समान फल देने वाला होता है। शिवजी के रुद्र रूप की पूजा के लिए आप शिवलिंग का काले तिलों से स्नान करा कर अखंड ज्योति भी जला सकते हैं। इस मास में भगवान भोले शंकर को दूध, पंचगव्य, बेल पत्र, धतूरा, भांग आदि भी चढ़ाया जाता है।




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