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पीएम मोदी-शिंजो आबे का रोड शो, साबरमती आश्रम की विजिटर बुक में लिखा ‘लव-थैंक्यू’

जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे आज से दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। अहमदाबाद पहुंचने पर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उनकी अगवानी के लिए हवाई अड्डे पर पहुंचे। पीएम शिंज़ो आबे को एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया।

पीएम मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंज़ो आबे ने एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक ऐतिहासिक रोड शो किया। पीएम शिंज़ो आबे और उनकी पत्नी आकी आबे रोड शो में भारतीय परिधान में नज़र आए। रोड शो के दौरान एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम के बीच जगह-जगह भारत के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने वहां की संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुति दी।

रोड शो के बाद जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे और उनकी पत्नी आकी आबे ने पीएम मोदी के साथ साबरमती आश्रम का दौरा किया। पीएम मोदी ने शिंज़ो आबे को गांधीजी का चरखा दिखाया। शिंज़ो आबे और आकी आबे ने बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। शिंज़ो आबे ने साबरमती आश्रम की विज़िटर बुक में हस्ताक्षर भी किए।

पीएम शिंजो आबे गुरुवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 12वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। साथ ही अहमदाबाद और मुंबई के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया जाएगा। उम्मीद है कि आर्थिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे संबंधों को भी इस यात्रा से और मज़बूती मिलेगी। जापान उन चुनिंदा देशों में है, जिनके साथ शीर्ष स्तर पर भारत का सलाना सम्मेलन होता है। असैन्य परमाणु समझौता और रक्षा साझेदारी की वजह से दोनों देशों के संबंध अब तक के सबसे बेहतरीन दौर में हैं, तो उम्मीद ये की जा रही है कि आर्थिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे संबंधों को भी इस यात्रा से और मज़बूती मिलेगी। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों में और साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी।

अगर दोनों देशों के बीच सामरिक हितों की बात की जाए तो 2014 में भारत और जापान के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता हुआ था, 2015 में रक्षा क्षेत्र में भी दोनों मुल्कों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। हाल ही में रक्षा मंत्री के तौर पर अरुण जेटली के जापान दौरे में भी सुरक्षा संबंधों पर ख़ास चर्चा हुई।

दोनों देशों के रिश्ते हाल के सालों में तेज़ी से मजबूत हुए हैं, तो इसके पीछे पीएम मोदी और आबे के बीच की ख़ास केमिस्ट्री भी है। पिछले साल जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर गए थे, तो शिंजो आबे ने उनके साथ बुलेट ट्रेन में सवारी की थी। इससे पहले 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के समय शिंजो आबे अगवानी करने क्योटो आए थे। 2015 में आबे के भारत दौरे के समय नरेंद्र मोदी उन्हें वाराणसी लेकर गए और दशाश्वमेध घाट पर उन्हें गंगा आरती दिखाई थी। कुल मिलाकर शिंजो आबे की गुजरात यात्रा के दौरान पीएम मोदी की मेहमाननवाजी न केवल दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय लिखेगी, बल्कि दोनों नेताओं के आपसी संबंधों की नई कहानी भी लिखेगी।

 




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