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नागपुर: संघ प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने की सैन्य बलों और उनके परिजनों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों की सराहना। विजयादशमी उत्सव में संघ कार्यकर्ताओं को किया संबोधित। कहा, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल किए बगैर भारत अपनी सुरक्षा के प्रति नहीं हो सकता आश्वस्त।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागपुर में आज विजयादशमी के दिन अपना 93वां स्थापना दिवस समारोह मना रहा है। संघ के स्वयंसेवक आरएसएस के स्थापना दिवस समारोह के साथ-साथ विजयादशमी उत्सव भी मना रहे हैं। इस समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक जागरण की परंपरा हमारे देश में लगातार चल रही है। अगर हमारा सांस्कृतिक जागरण होता रहा तो निश्चित तौर पर भारत विश्वगुरू बनेगा। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के आधार पर राजनीति की कल्पना केवल भारत का नागरिक ही कर सकता है। और ऐसा महात्मा गांधी ने करके दिखाया।

जिन अंग्रेज़ों  का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था उनका सामना गांधी जी ने निहत्थे खड़े होकर सिर्फ अपने नैतिक बल के आधार पर किया। भागवत ने सुरक्षाबलों के शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा के लिए जो सीमा पर बंदूक ताने खड़े हैं, उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है।

भागवत ने कहा कि भारतवासी दुनिया में किसी से शत्रुता नहीं करते लेकिन हमसे शत्रुता करने वाले कई लोग हैं, हमें उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। संघ प्रमुख ने कहा कि  अगर कोई हमसे लड़ाई करने की हिम्मत ना करे, तो हम इतने बलवान बनेंगे कि दुनिया में भी शांति होगी और भारत में भी।




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