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CPEC से सऊदी अरब भी जुड़ेगा

इस्‍लामाबाद : पाकिस्‍तान में नई सरकार बनने के बाद से चीन के साथ उसके संबंधों को लेकर कई तरह की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिनके मुताबिक, इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्‍तान की नई सरकार चीन पर आंख मूंदकर भरोसा करने के पक्ष में नहीं है।

इमरान पहले भी चीन के साथ विभिन्‍न परियोजनाओं में पाकिस्‍तान के हितों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। पिछले दिनों भी ऐसी रिपोर्ट्स आई थी, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्‍तान की नई सरकार ने कहा है कि चीन पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरीडोर (CPEC) परियोजना में पाकिस्‍तान के हितों की अनदेखी की गई है। अब पाकिस्‍तान ने इस परियोजना में सऊदी अरब को भी तीसरे पक्ष के तौर पर शामिल करने की बात कही है।

सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्‍या इस परियोजना के लिए सऊदी अरब को आमंत्रित करने से पहले पाकिस्‍तान ने चीन को भरोसे में लिया। ‘डॉन’ के मुताबिक, पाकिस्‍तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी का कहना है, ‘हां, इस बारे में चीन से बातचीत की गई और इसके बाद ही CPEC में भागीदारी को विस्‍तार देने का फैसला लिया गया।’ उन्‍होंने इसे चीन और पाकिस्‍तान दोनों के हितों में बताया।

इमरान सरकार के इस ऐलान को आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्‍तान को संकट से उबारने की कोशिशों के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके बदले सऊदी अरब सरकार पाकिस्‍तान में बड़ा निवेश करने के लिए तैयार हो गई है। खुद चौधरी ने इससे पहले कहा था कि सऊदी अरब इस परियोजना से जुड़ने के लिए औपचारिक आमंत्रण के बाद पाकिस्‍तान में बड़ा निवेश करने के लिए तैयार हो गया है।

सीपीईसी से सऊदी अरब के जुड़ने की घोषणा इमरान खान के सऊदी अरब और यूएई दौरे के बीच की गई है। माना जा रहा है कि इस दौरान पाकिस्‍तान और सऊदी अरब के बीच इसके लिए सहमति बनी। चौधरी के मुताबिक, इसे लेकर सऊदी अरब का एक उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधिमंडल अक्‍टूबर में पाकिस्‍तान का दौरा कर पाकिस्‍तान के साथ व्‍यापक आर्थिक साझेदारी पर विचार-विमर्श करेगा।




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