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अगर करना चाहते हैं अपने सपनों को साकार, तो रखें इन बातों का ध्यान

बिना संघर्ष, लगन और समर्पण के सपने साकार नहीं होते हैं। लेकिन इनके साथ-साथ जरूरी है कि अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सही शुरुआत भी की जाए। ऐसा तभी होगा जब आप कुछ जरूरी बातों पर अमल करेंगी।

बॉलीवुड, हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘हमेशा अपने सपनों का पीछा करना चाहती हूं। उनके साथ कोई समझौता नहीं कर सकती हूं।’ जब अपने सपनों को साकार करने की बात आती है, तो इसी तरह के समर्पण की जरूरत होती है।

जब तक आपका इरादा मजबूत नहीं होगा, तब तक सपने साकार नहीं होंगे। मनचाही मंजिल नहीं मिलेगी। लेकिन इस हौसले के अलावा जरूरी है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए सही शुरुआत की जाए। इसके लिए छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे।

योजनाओं पर अमल करें

अपने सपनों को साकार करने के लिए योजनाएं तो आपने कई बार बनाई होंगी। कई-कई बार अपनी योजना को सुधारा भी होगा। लेकिन योजना बनाने भर से बात नहीं बनती है, उस पर समय रहते अमल किया जाना चाहिए। दरअसल, ज्यादातर लोग योजना तो बना लेते हैं। लेकिन अमल करने में देर लगाते हैं।

देरी होने से प्लानिंग पर काम करने की चाह कम हो जाती है। ऐसे में अपनी प्लानिंग पर काम तुरंत शुरू करना जरूरी है। जब आप सफर की शुरुआत करेंगी, तभी सही मायनों में समझ पाएंगी कि मंजिल से कितनी दूर हैं। इस बाबत अभी आपको कितनी मेहनत करनी है।

फिर योजनाओं पर अमल करने के बाद आपकी राह में कई बाधाएं आएंगी, तो कुछ अच्छे अवसर भी मिलेंगे। इन्हीं चुनौतियों से, अवसरों से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, जिनकी मदद से सपने साकार होंगे।

सफलता की कल्पना जरूरी

माना कि योजनाओं पर अमल करने के बाद आपको कदम-कदम पर कई तरह की चुनौतियों मिल रही हैं। लेकिन आपको हमेशा सकारात्मक बने रहना चाहिए।

साथ ही हर समय अपनी सफलता की कल्पना करनी चाहिए। कई महिलाएं कड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए इतनी निराश हो जाती हैं कि सफलता की कल्पना करना भी छोड़ देती हैं। इसके बजाय समस्याओं में उलझी रहती हैं।

ऐसा सोचने का मतलब है कि आपने जंग शुरू करने से पहले ही हार मान ली है। वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा को एक रेल दुर्घटना में अपना एक पैर गंवाना पड़ा था।

लेकिन एक पैर खोने के बावजूद उन्होंने कई ऊंचे पर्वतों पर चढ़ने में सफलता पाई, ऐसा वह इसलिए कर सकीं क्योंकि उन्होंने कई चुनौतियों के बाद भी अपनी सफलता की कल्पना की थी। अगर आप मेहनत के साथ-साथ सफलता की कल्पना निरंतर करेंगी, तो जरूर सफल होंगी।

मूल्यांकन भी करें

अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आपको बार-बार हार का मुंह देखना पड़ रहा है, तो ऐसे में निराश होना स्वाभाविक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप प्रयास करना छोड़ दें।

इसके बजाय सफल क्यों नहीं हो पा रही हैं, इसका मूल्यांकन करें। इसके साथ ही कहां चूक हो रही हैं, योजना में क्या कमी रह गई, इस पर भी गहनता से विचार करें।

बड़े ही नहीं हर छोटे-छोटे कदम का सही आकलन करें। इससे आपकी मुश्किल राह आसान होती चली जाएगी और आप अपने सपने को पूरा कर पाएंगी।




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