गंगा की दुर्दशा बयां करते-करते..नहीं रहे प्रो. जीडी अग्रवाल

नई दिल्ली: गंगा में प्रदूषण बहुत बड़ा मुद्दा है और इसको लेकर बातें और दावे तो तमाम होते हैं लेकिन बहुत कम लोग ही इस अहम मुद्दे को लेकर संवेदनशील हैं। ऐसे ही पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल हैं जो गंगा की सफाई को लेकर 22 जून से अनशन कर रहे थे उनका  गुरुवार को एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया। जीडी अग्रवाल का गंगा को लेकर प्रेम सबको पता है और वो इस मुद्दे को लेकर काफी समय से संघर्षरत थे।

गौरतलब है कि बाबा स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद बने प्रोफेसर जीडी अग्रवाल आईआईटीयन थे।आईआईटी में प्रोफेसर रह चुके जीडी अग्रवाल इंडियन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में सदस्य भी रह चुके थे, हालांकि अब वह संन्यासी का जीवन जी रहे थे।

वे गंगा नदी की सफाई और गंगा में खनन और जल विद्युत परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर  22 जून से आमरण उपवास पर थे। इस दौरान वे केवल पानी और शहद का ही ले रहे थे।  प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की उम्र करीब 87 साल थी।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके वजह से उनका निधन हो गया। पर्यावरण इंजीनियरिंग में पीएचडी होल्डर जीडी अग्रवाल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में भी कार्य किया था, वे गंगा नदी को अपनी माँ  मानते थे।




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